सागर में एक्शन मोड में अपर मुख्य सचिव, पेयजल से लेकर आवास, स्मार्ट सिटी और स्वच्छता तक सख्त निर्देश
मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे सागर पहुंचे और शहर की पेयजल व्यवस्था से लेकर आवास, सीवरेज, स्वच्छता और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तक का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल जमीनी हकीकत देखी, बल्कि अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के कड़े निर्देश भी दिए। अपर मुख्य सचिव सबसे पहले राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने जल शोधन प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली और लॉग बुक की समीक्षा की। मौके पर कराए गए परीक्षण में पानी का पीएच स्तर 7.30 पाया गया, जो मानकों के अनुरूप है। उन्होंने क्लोरीन हाउस और 5.7 एमएलडी क्षमता वाले टाटा फिल्टर प्लांट में लगे SCADA सिस्टम का भी निरीक्षण किया और सतत निगरानी के निर्देश दिए।
कनेरादेव में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और ठेकेदार को तीन माह में 180 आवास पूरे करने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही 532 अधूरे आवासों को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का आदेश दिया। 60 हजार सीवर कनेक्शनों में से केवल 30 हजार पूरे होने पर उन्होंने असंतोष जताया और शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, अन्यथा ठेकेदार पर कार्रवाई की चेतावनी दी। कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर रेमकी कंपनी को फटकार लगाई और डंप साइट से कचरा उठाने के खर्च को उनके बिल से काटने के निर्देश दिए।
शहर भ्रमण के दौरान उन्होंने सागर के बदले स्वरूप की तारीफ की। चौड़ी सड़कें, तालाब सौंदर्यीकरण और स्वच्छता गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा पहले भी सागर आया हूं, लेकिन आज शहर ज्यादा व्यवस्थित और आकर्षक दिख रहा है। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक लाने, वायु गुणवत्ता सुधारने और फुटपाथ निर्माण की योजना बनाने के निर्देश भी दिए। अपर मुख्य सचिव की इस मैराथन समीक्षा ने साफ कर दिया कि सागर में विकास कार्य अब गति, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ेंगे।