सागर पहुंचे शिवराज सिंह बोले न जाने कितने दिन की ज़िंदगी है, वो जब चाहेगा तब डोर खींच लेगा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भूपेंद्र सिंह के बुलावे पर सागर पहुंचे। ढाना स्थित हवाई पट्टी पर उनका हैलीकॉप्टर उतरा, जैसे ही शिवराज सिंह चौहान हैलीकॉप्टर से बाहर आये तो सबसे पहले कलेक्टर संदीप जी आर ने उनका स्वागत किया। वहीं इसके बाद उनका स्वागत करने नेताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भाजपा जिलाध्यक्ष, कई विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य भाजपा नेताओं ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद एक बड़े काफिले के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बामोरा स्थित रुद्राक्ष धाम में चल रही सात दिवसीय श्री राम कथा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मौजूद जन समूह को सम्बोधित भी किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यास पीठ को नमन करते हुए कथा वाचक प्रेम भूषण महाराज से आशीर्वाद लिया। इसके बाद पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने शिवराज सिंह चौहान का सम्मान किया।
मंच से सम्बोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा की सौभाग्य की बात है की दक्षिण मुखी हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा का मौका भूपेंद्र सिंह का मिला है। धर्म का महायज्ञ यहां पर संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा की उन्हें अभी नेता कहकर सम्बोधित किया जा रहा था। लेकिन आनंद नेता नहीं बल्कि सेवक बनकर रहने में है। मानव जीवन का आख़िरी लक्ष्य है परमात्मा की प्राप्ति भगवान की प्राप्ति, उन्होंने कहा की भगवान को प्राप्त करने के संतों और ऋषियों ने 3 मार्ग बताये हैं। पहला है ज्ञान मार्ग, दूसरा मार्ग है भक्ति मार्ग, और तीसरा है कर्म मार्ग, आगे शिवराज सिंह बोले की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। न जाने कितने दिन की ज़िंदगी है यह दुनिया नहीं धर्मशाला है। परमानेंट घर नहीं है। जब तक वो चाहेगा नाच नचायेगा, जब चाहेगा तब डोर खींच लेगा। वहीं इसके बाद आखिर में वह आरती में भी शामिल हुए। इस दौरान विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, वीरेंद्र सिंह लम्बरदार भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी समेत जनप्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद रहे।