अपहरण से लूट तक, ऑटो में अगवा कर युवक को बनाया निशाना, 2 युवतियों समेत 4 गिरफ्तार |SAGAR TV NEWS|
शहर में सनसनी फैलाने वाली अपहरण और लूट की वारदात का पर्दाफाश करते हुए एमपी के सतना की सिटी कोतवाली पुलिस ने एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो युवतियां भी शामिल हैं, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से अकेले पैदल जा रहे युवक को निशाना बनाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो, लूटा गया मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया है।
पीड़ित प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रात करीब 10 बजे रेलवे स्टेशन रोड की ओर पैदल जा रहा था। इसी दौरान पंजाब नेशनल बैंक के पास एक ऑटो अचानक रुका। उसमें सवार पीयूष कुशवाहा अपने एक पुरुष साथी और दो युवतियों के साथ नीचे उतरा। आरोपियों ने पहले उसका मुंह दबाया, फिर जबरन ऑटो में बैठाकर महादेवा पेट्रोल पंप ले गए। वहां आरोपियों ने उससे मोबाइल छीन लिया और धमकाकर पिन कोड हासिल कर लिया। इसके बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पेट्रोल पंप पर पैसे ट्रांसफर कराए। यहीं नहीं रुके—आरोपियों ने पेट्रोल पंप कर्मचारी से भी पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। यह पूरी घटना बेहद सुनियोजित थी, जिससे साफ जाहिर होता है कि गिरोह पहले से रेकी कर चुका था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों—पीयूष कुशवाहा, अंकित द्विवेदी, दिपाली बागरी और दिशा वर्मन—को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह गिरोह पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अकेले यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। यह मामला सिर्फ एक लूट का नहीं, बल्कि संगठित अपराध का है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय अपराधियों को कड़ा संदेश गया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा।