लव मैरिज के बाद फेरे से पहले खून खराबा, दूल्हा-दुल्हन समेत तीन पहुंचे अस्पताल |SAGAR TV NEWS|
आस्था की नगरी ओंकारेश्वर में प्रेम विवाह के बाद सामाजिक रीति-रिवाज से फेरे कराने पहुंचा एक जोड़ा उस वक्त खूनखराबे का शिकार हो गया, जब दोनों पक्षों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। एमपी के खरगोन जिले के ओंकारेश्वर के पुराने बस स्टैंड पर हुई इस चाकूबाजी में दूल्हा, उसका दोस्त और दुल्हन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मान्धाता पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खरगोन निवासी नानकदास ने पुलिस को बताया कि उसकी सगाई करीब दो साल पहले ग्राम अंजड़ निवासी अरुणा से हुई थी, लेकिन लड़की के पिता शादी के लिए राजी नहीं थे। 4 फरवरी को नानकदास अरुणा को लेकर खरगोन से इंदौर गया, जहां दोनों ने वैदिक संस्कार संस्था में प्रेम विवाह किया और विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसके बाद लड़की पक्ष की सहमति से सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह के फेरे कराने के लिए दोनों परिवारों को शुक्रवार को ओंकारेश्वर बुलाया गया था। दोपहर में पुराने बस स्टैंड पर दोनों पक्ष आमने-सामने आए, लेकिन बातचीत शुरू होते ही माहौल गरमा गया।
फरियादी के अनुसार, लड़की के पिता केसरिया सांवले, उनके बेटे अरुण, संदीप और रिश्तेदारों ने “लड़की भगाकर ले जाने” को लेकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई। इसी दौरान संदीप सांवले ने नानकदास की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए दोस्त राम हिरवे की पीठ में भी चाकू घोंप दिया गया, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे खंडवा रेफर किया गया है।
दुल्हन अरुणा के साथ भी मारपीट और गला दबाने का आरोप लगा है। मान्धाता थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जिस प्रेम विवाह को सामाजिक स्वीकृति मिलने वाली थी, वही फेरे हिंसा में बदल गए। क्या परंपरा और प्रतिष्ठा की आड़ में ऐसी हिंसा स्वीकार्य है? ओंकारेश्वर की इस घटना ने एक बार फिर समाज और कानून के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।