Sagar -सिविल लाइन बना परशुराम चौराहा, विश्व की सबसे ऊंची परशुराम प्रतिमा भी लगेगी
सागर का सिविल लाइन चौराहा अब भगवान परशुराम चौराहा के नाम से जाना जाएगा, और अब सागर में भगवान परशुराम की विश्व की सबसे बड़ी 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, रविवार को सिविल लाइन चौराहा के पास नामकरण और परशुराम चौराहे का सौंदर्य करण करने भूमि पूजन का कार्यक्रम किया गया, जिसमें विप्र समाज के अलावा महापौर विधायक भाजपा जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
हमारा निरंतर प्रयास है कि सागर शहर विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को भी संजोकर आगे बढ़े। मैंने महसूस किया है कि सिविल लाइन चौराहा का नामकरण भगवान परशुराम के नाम होने के निर्णय के बाद से ही विप्र समाज के हित में एक बदलाव की क्रांति आई। मैं समझती हूं, सागर में पहली बार हुआ, जब किसी सार्वजनिक जगह का नामकरण भगवान परशुरामजी के नाम से हुआ।
विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि आज बड़ा सौभाग्य है इस नगर के लिए कि सिविल लाइन चौराहा का नामकरण भगवान परशुराम जी के नाम पर कर उसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है महापुरुष राष्ट्र की संपत्ति होते हैं इसलिए भगवान परशुराम जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए सरकारी अथवा निजी जमीन ली जाएगी तथा उसकी कीमत भी देंगे। उन्होंने कहा कि बाघराज वार्ड में आधा एकड़ जमीन भगवान परशुराम भवन के खाली कराई और 70 लाख रुपए की राशि मप्र सरकार ने भवन निर्माण के लिए स्वीकृत की है, मैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद देता हूं
वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ सुशील तिवारी ने कहा कि आज 8 फरवरी 2026 इतिहास में दर्ज होगी क्योंकि अंग्रेजी दासता के प्रतीक सिविल लाइन चौराहा का नाम अब भगवान परशुराम जी के नाम से जाना जाएगा। अंग्रेजों ने हर शहर में सिविल लाइन की स्थापना की थी और भारतीयों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि यह कार्य विधायक जी, निगम अध्यक्ष, भाजपा जिलाध्यक्ष सहित सभी की प्रेरणा से यह कार्य संभव हो पाया। भगवान परशुराम जी के नाम से चौराहा का नामकरण किये जाने से हमारी आने वाली पीढ़ी हमारी संस्कृति को जानेंगी।