अंधेर-नगरी चौपट राजा, पहले मजलूमों पर कार्यवाई की, पिटाई भी की,उल्टी FIR भी करा दी ! |SAGAR TV NEWS
छोटे व्यापारी जो हाथ ठेला, गुमठियां लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके साथ नगर निगम की टीम ने कथित रूप से मारपीट कर दी। उनके साथ में अभद्रता की, घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसके बाद निगम टीम की मनमानी और एकतरफा कार्यवाई को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद सभी महिलाएं पुरुष एकजुट होकर एसपी ऑफिस में गुहार लगाने पहुंचे। मामला एमपी के उज्जैन जिले का है। लोगों का कहना था की एक तो कार्यवाई कर सामग्री जप्त कर ली जब उसका वीडियो बनाया तो मारपीट की गयी।
उलटा उन ही लोगों पर FIR भी करा दी गयी ये कहां का न्याय है। दरअसल उज्जैन में फायर ब्रिगेड परिसर में हुए हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित ठेला और फुटपाथ व्यापारी एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों का सीधा आरोप है कि नगर निगम के अमले ने सरेआम उनकी बेदर्दी से पिटाई की और जब वह न्याय मांगने पहुंचे, तो प्रशासन ने उनका पक्ष सुने बिना ही उन पर एससी-एसटी एक्ट और शासकीय कार्य में बाधा जैसी गंभीर धाराएं लाद दीं। पूरा विवाद गुरुवार को जब्त किए गए ठेलों को वापस लेने के दौरान शुरू हुआ था।
जहां उज्जैन नगर निगम की टीम की मनमानी और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से व्यापारी परेशान हैं। इसके बाद व्यापारी संजय सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे व्यापारियों ने एसपी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे घटनाक्रम की साइबर और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में अतिक्रमण गैंग के प्रभारी एक निहत्थे व्यापारी पर हाथ चलाते दिख रहे हैं। जबकि वहां मौजूद महिलाएं हाथ जोड़कर बीच-बचाव की गुहार लगा रही हैं।
व्यापारियों के मुताबिक अगर ऑडियो-वीडियो की फॉरेंसिक जांच में उनकी ओर से कोई जातिगत टिप्पणी या मारपीट की बात साबित होती है। तो वह दर्ज प्रकरण को सहर्ष स्वीकार करेंगे। लेकिन निगम कर्मी दोषी हैं तो उन पर भी तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि व्यापारी संघ ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। साक्ष्य के तौर पर वीडियो की सीडी और पेन ड्राइव उपलब्ध कराने की बात कही है। तथ्यों के आधार पर कार्यवाई की जाएगी।