गेमिंग की लत ने बनाया चोर, नाबालिग ने मां के 15 लाख के गहने उड़ाए, मनोवैज्ञानिक पूछताछ से सच उगला
ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक परिवार की नींव हिला दी। एमपी के रीवा में एक नाबालिग ने गेम की लत में अपनी ही मां के करीब 15 लाख रुपये के गहने चुरा लिए। दो दिन तक पुलिस को गुमराह करने के बाद आखिरकार मनोवैज्ञानिक पूछताछ में सच सामने आया और पुलिस ने गहने बरामद कर लिए। यह मामला चोरहटा थाना क्षेत्र का है, जिसने अभिभावकों को भी झकझोर कर रख दिया है। मामला चोरहटा थाना क्षेत्र के मैदानी इलाके का है। यहां एक वैवाहिक कार्यक्रम में महिला अपने नाबालिग बेटे के साथ गई थी। उसने अपने कीमती गहने एक डिब्बे में रखकर अलमारी में रख दिए और काम में जुट गई। कुछ देर बाद जब उसने अलमारी खोली तो गहनों का डिब्बा गायब था। तलाश करने पर पता चला कि उसका बेटा भी वहां से गायब है।
घबराई हुई महिला ने चोरहटा थाने पहुंचकर थाना प्रभारी आशीष मिश्रा को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत नाबालिग का मोबाइल सर्विलांस पर लिया, जिससे उसकी लोकेशन चोरहटा क्षेत्र में मिली। पुलिस मां को साथ लेकर मौके पर पहुंची, लेकिन नाबालिग ने उन्हें झूठी जगह बताकर गुमराह किया। जब पुलिस को शक हुआ तो उन्होंने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ शुरू की। इसके बाद नाबालिग टूट गया और बताया कि उसने गहनों का डिब्बा जमोड़ी में अपने दोस्त के घर छिपा दिया है। पुलिस ने वहां दबिश देकर गहने बरामद कर लिए।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग ऑनलाइन गेम का आदी हो चुका था और इसी लत के कारण उसने चोरी की। फिलहाल उसे समझाइश देकर परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन यह घटना अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी है। नाबालिग की मां ने बताया कि मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मेरा बेटा ऐसा कर सकता है… मैं टूट चुकी थी। आशीष मिश्रा, टीआई, चोरहटा थाना ने बताया कि मनोवैज्ञानिक पूछताछ से सच सामने आया। गहने सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान दें।”