सियासत की नई तस्वीर, घोड़े पर सवार कांग्रेस विधायक रजनीश सिंह का अनोखा जनसंपर्क, केवलारी में गूंजा जनसमर्थन
मध्य प्रदेश की सियासत में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न सिर्फ चर्चा बटोरी है बल्कि जनप्रतिनिधित्व की परिभाषा को भी नया रंग दिया है। एमपी के सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा से कांग्रेस विधायक ठाकुर रजनीश सिंह घोड़े पर सवार होकर गांव पहुंचे—और यही दृश्य पूरे इलाके में सुर्खियां बन गया। यह न तो कोई बारात थी और न ही कोई उत्सव, बल्कि जनता से सीधे संवाद का एक अनोखा और प्रतीकात्मक जनसंपर्क था, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
तस्वीर की शुरुआत भोमा क्षेत्र के ग्राम छीतापार से हुई। जैसे ही विधायक गांव में प्रवेश किए, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। सम्मान के प्रतीक के रूप में उनके सिर पर पगड़ी बांधी गई और फिर उन्हें घोड़े पर सवार कराया गया। इसके बाद जो दृश्य दिखा, वह केवलारी की राजनीति में शायद पहली बार देखने को मिला—ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की बारिश और ‘रजनीश सिंह जिंदाबाद’ के नारों के बीच विधायक पूरे गांव में भ्रमण करते दिखे।
लेकिन यह सिर्फ दिखावा नहीं था। घोड़े पर सवार होकर विधायक ने गांव की गलियों में घूम-घूमकर लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई मुद्दों पर चर्चा की। कहीं सड़क, कहीं पानी, तो कहीं बिजली—हर समस्या पर उन्होंने ध्यान दिया और भरोसा दिलाया कि आवाज विधानसभा तक पहुंचेगी। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने खुलकर उनसे बात की, जो इस बात का प्रमाण था कि जनता उन्हें अपना मानती है।
ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने शायद ही कभी किसी विधायक को इतने आत्मीय और जमीनी अंदाज में देखा हो। न कोई काफिला, न भारी सुरक्षा घेरा—बस जनता और उनका प्रतिनिधि आमने-सामने। यह दौरा औपचारिक नहीं, बल्कि विश्वास और अपनत्व का प्रतीक बन गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह अनोखा जनसंपर्क न केवल जनता से जुड़ने की नई शैली है, बल्कि आने वाले दिनों में चुनावी रणनीति का भी संकेत देता है। फिलहाल, घोड़े पर सवार विधायक की यह तस्वीर केवलारी से निकलकर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है।