ज हर बनी पड़ोस की दुश्मनी, किसान की डेढ़ एकड़ चने की फसल पर डाला खरपतवारनाशक
जमीन विवाद और पड़ोसी दुश्मनी ने एक किसान परिवार की मेहनत पर पानी फेर दिया। एमपी के नरसिंहपुर में मंगलवार को जिले की कलेक्टर जनसुनवाई में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया, जब ग्राम करौदी, थाना तेंदूखेड़ा के किसान कोमल नौरिया और कृष्ण कुमार नौरिया अपनी पत्नी के साथ सूखे चने के पौधे लेकर पहुंचे। उनके चेहरे पर आक्रोश और आंखों में बेबसी साफ झलक रही थी। पीड़ित किसानों ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनके पड़ोसी किसान बारेलाल बसोरी और बबलू बसोरी ने जानबूझकर उनकी खड़ी चने की फसल पर टू-फॉर-टी खरपतवारनाशक दवा का छिड़काव कर दिया। इस जहरीले छिड़काव से करीब डेढ़ एकड़ में लहलहाती चने की फसल पूरी तरह झुलसकर नष्ट हो गई। किसानों ने बताया कि यह फसल उनके परिवार की सालभर की उम्मीद थी, जो अब मिट्टी में मिल चुकी है।
आवेदन के अनुसार, यह पूरा मामला मौजा करौदी स्थित करीब 4 एकड़ सरकारी भूमि से जुड़ा है, जिस पर बेदखली आदेश के तहत उन्होंने चने की फसल बोई थी। इस जमीन को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) तेंदूखेड़ा के न्यायालय में मामला विचाराधीन है। पीड़ितों का आरोप है कि इसी भूमि विवाद के चलते पड़ोसी किसानों ने बदले की भावना से उनकी फसल बर्बाद कर दी। जनसुनवाई में किसान दंपति ने रोते हुए कहा कि उन्होंने कर्ज लेकर बीज, खाद और पानी की व्यवस्था की थी, लेकिन एक रात में सब कुछ तबाह हो गया। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही पीड़ितों ने मांग की है कि— फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए, विवादित भूमि का तत्काल सीमांकन कराया जाए, खेत की मेढ़ पर पोल लगवाए जाएं, जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए हैं और पीड़ित किसानों को शीघ्र न्याय का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गांवों में जमीन विवाद किस कदर हिंसक रूप ले सकता है।