किन्नर समाज में वर्चस्व की लड़ाई को धार्मिक रंग, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में किन्नर समुदाय के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब केवल आपसी विवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि गंभीर धार्मिक आरोपों और तीखे पलटवारों तक पहुंच गई है। दो गुटों के बीच खींचतान ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है, जबकि पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला चुनौती बनता जा रहा है। विवाद की शुरुआत राहुल नगर इलाके से हुई, जहां किन्नर काजल ठाकुर और उनके समर्थकों ने मंगलवारा डेरे की किन्नर सुरैया नायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
काजल ठाकुर गुट का कहना है कि उनके समूह के हिंदू किन्नरों पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। आरोप है कि नवरात्रि के दौरान उपवास तुड़वाने की कोशिश की गई, यहां तक कि गौमांस खिलाने का भी दबाव डाला गया। काजल ने यह भी दावा किया कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि पहले उनका धर्म परिवर्तन कराया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने फिर से सनातन धर्म अपना लिया। इस पूरे मामले में उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, सुरैया नायक गुट ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया है। उनकी शिष्या देवी रानी ने कहा कि देश में पहले से ही हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तनाव फैला हुआ है और अब किन्नर समुदाय को भी उसी आग में झोंकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके गुट की किन्नर पल्लवी पर हाल ही में हमला हुआ था, जिसकी शिकायत कोहेफिजा थाने में दर्ज कराई गई थी।
आरोप है कि अब उसी केस में समझौते का दबाव बनाया जा रहा है और इनकार करने पर धर्म परिवर्तन जैसे आरोप गढ़े जा रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बधाई मांगने के दौरान पल्लवी पर हमला हुआ था, जिसमें शाहरुख नामक युवक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। सुरैया गुट का कहना है कि राजीनामा न करने पर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और धार्मिक आरोपों में उलझाने की कोशिश हो रही है।
देवी रानी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने, भीड़ में शामिल लोगों की पहचान करने और बाहरी किन्नरों को भोपाल से बाहर करने की अपील की है। फिलहाल यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है और किन्नर समाज के भीतर बढ़ती खींचतान ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं।