गोचर भूमि पर अवैध मिट्टी कटाई के खिलाफ सैकड़ों किसान सड़कों पर, SDM कार्यालय का घेराव”
एमपी के उज्जैन जिले के नागदा तहसील में भू-माफियाओं द्वारा की जा रही पीली मिट्टी की अवैध कटाई को लेकर किसानों का आक्रोश आज सड़क पर फूट पड़ा। सैकड़ों किसान एकजुट होकर नागदा एसडीएम कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार मधु नायक को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की आंखों के सामने धड़ल्ले से अवैध खुदाई हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। गोचर भूमि पर अवैध खनन का खेल अब किसानों और प्रशासन के बीच टकराव का कारण बनता दिख रहा है। नागदा में आज किसानों की बड़ी भीड़ ने एसडीएम दफ्तर का घेराव कर स्पष्ट चेतावनी दी—या तो प्रशासन कार्रवाई करे, वरना ग्रामीण खुद कदम उठाएंगे।
आक्रोशित किसानों ने तहसीलदार मधु नायक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नागदा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पीली मिट्टी की अवैध कटाई कर उसे खुलेआम बेचा जा रहा है। उनका आरोप है कि यह सब प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार गौशालाएं बनाने और गो-संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ गोचर भूमि पर अवैध कब्जा और खनन होने दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार प्रशासन को इसकी लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि भारी मशीनों से हो रही खुदाई के कारण न केवल गोचर भूमि नष्ट हो रही है, बल्कि आसपास की कृषि भूमि भी खतरे में पड़ गई है। सड़कें टूट रही हैं, पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और जलस्तर पर भी इसका विपरीत असर पड़ रहा है।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ ग्रामीणों ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन कार्रवाई करने में असमर्थ है, तो उन्हें साफ बता दे—वे अपने स्तर पर भू-माफियाओं से निपटना जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी तरह का टकराव या अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार मधु नायक ने किसानों को आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और मौके पर टीम भेजकर निरीक्षण किया जाएगा। फिलहाल, यह देखना होगा कि प्रशासन कितनी जल्द और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है, या फिर यह विवाद आगे और बढ़ता है।