गिरफ्तारी पर तहसील घेराव, वाटर कैनन, पथराव और देर रात तक टकराव ,छतरपुर में केन–बेतवा पर उबाल
केन–बेतवा लिंक परियोजना को लेकर एमपी के सागर संभाग के छतरपुर के बिजावर में मंगलवार को हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए। आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव और विस्थापितों की आवाज उठाने वाले समाजसेवी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, किसान और युवा शामिल रहे। दोपहर से शुरू हुआ आक्रोश देर रात तक पुलिस-प्रशासन से सीधी भिड़ंत में बदल गया। केन–बेतवा परियोजना का विरोध अब आंदोलन से टकराव में बदल चुका है। गिरफ्तारी के बाद भड़के जनाक्रोश ने बिजावर तहसील को रणक्षेत्र बना दिया, जहां पुलिस को वाटर कैनन चलानी पड़ी और पथराव भी हुआ।
ग्रामीणों ने पहले तहसील कार्यालय के बाहर धरना दिया और एसडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। उनकी एक ही मांग थी—अमित भटनागर की तत्काल रिहाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें धारा 151 के तहत जबरन गिरफ्तार किया, जमानत याचिका खारिज कर दी गई और परिजनों को मिलने भी नहीं दिया जा रहा। स्थिति तब बिगड़ी जब करीब एक घंटे तक एसडीएम ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए। नाराज ग्रामीणों ने तहसील को चारों तरफ से घेर लिया। ढोडन गांव की एक युवती ने खुलकर कहा—“जब तक भटनागर जी रिहा नहीं होंगे, हम पीछे नहीं हटेंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना में उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा और शांतिपूर्ण विरोध को दबाया जा रहा है।
देर शाम तक तनाव बढ़ता गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया, जिसमें अफरा-तफरी मच गई। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन केन–बेतवा परियोजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश साफ दिख रहा है। बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन बातचीत से रास्ता निकालेगा या टकराव और बढ़ेगा?