सागर- ट्रेड डील पर भड़का किसानों का गुस्सा, मोदी–ट्रंप–अडानी के पुतले जले, आंदोलन की चेतावनी
सागर संभाग में भारत–अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर मंगलवार को सागर जिले के जैसीनगर तहसील स्थित ढकरई गांव में सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। माहौल इतना गरम था कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उद्योगपति गौतम अडानी के पुतले दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच किसान हाथों में काले झंडे, तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। “किसान विरोधी ट्रेड डील वापस लो” और “किसान बचाओ, देश बचाओ” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार पर देश के कृषि क्षेत्र को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया।
संयुक्त किसान मोर्चा के संभाग पदाधिकारी और भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि यह व्यापार समझौता भारत को आर्थिक गुलामी की ओर धकेलने जैसा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जबकि भारतीय किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य, महंगे बीज, खाद और डीजल की मार झेल रहा है। ऐसे में अमेरिकी कृषि उत्पादों से मुकाबला करना भारतीय किसानों के लिए आत्मघाती साबित होगा। अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य पदाधिकारी राहुल ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर भारत कृषि आयात पर शून्य प्रतिशत शुल्क की नीति अपनाता है, तो देश के छोटे और सीमांत किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुंदरलाल यादव ने कहा कि भले ही सोयाबीन और मक्का का सीधा आयात न हो, लेकिन अप्रत्यक्ष प्रभाव से स्थानीय बाजार धराशायी हो जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष नितिन ठाकुर ने किया। प्रदर्शन में राहतगढ़, सागर, जैसीनगर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। महिलाओं और युवा किसानों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। किसान नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक प्रस्तावित ट्रेड डील पूरी तरह रद्द नहीं की जाती, उनका आंदोलन थमेगा नहीं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई देगी।