Sagar-बीना नदी पर सिंचाई से बढ़ा संकट, आदेश के बावजूद धड़ल्ले से मोटरें चल रहीं, पेयजल संकट का खतरा
सागर जिले के खुरई शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली बीना नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। यही नदी शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है। आगामी गर्मियों में पानी की किल्लत न हो, इसे देखते हुए दो दिन पहले सागर कलेक्टर संदीप जी आर ने नदी से सिंचाई पर रोक लगा दी है। लेकिन आदेश के बावजूद किसान खुलेआम नदी से पानी खींच रहे हैं, जिससे शहर में भीषण जल संकट का खतरा मंडराने लगा है।
सागर कलेक्टर के निर्देशानुसार खुरई नगर पालिका क्षेत्र में बीना नदी के जल भंडारण को ग्रीष्मकाल की समाप्ति तक सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए गए हैं। दलपतपुर घाट से लेकर दानखेड़ी और हनौता तक निकाय के इंटेकवेल के आसपास अवैध सिंचाई पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इसके बावजूद सागर और विदिशा जिलों के किसान बड़ी संख्या में नदी में मोटर डालकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। दिन में जहां सीमित मोटरें दिखाई देती हैं, वहीं रात होते ही 70 से 100 तक मोटरें चलने लगती हैं। लगातार हो रही सिंचाई के कारण नदी का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है।
यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले गर्मियों के महीनों में खुरई शहर के लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। नगर पालिका के अनुसार शहर में रोजाना लगभग 65 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जो पूरी तरह बीना नदी पर निर्भर है।