सागर के 3 युवकों का मामला,घटना के बाद जागा प्रशासन, ज्योति पटेल ने लगाए आरोप
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत, जी हां दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में टूटे हुए पुल से गिरकर तीन युवकों की जान चली गयी। जिसके बाद प्रशासन होश में आया और अब कलेक्टर ने एमपीआरडीसी को पत्र लिखा है। हादसे के बाद प्रशासन जागा है। जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। घटना के बाद अब जिला प्रशासन में इसको लेकर गंभीर निर्देश और आदेशों का दौर जारी है वहीं लोगों का कहना है
कि शायद यह निर्देश और आदेश पूर्व में हो जाते तो जान गंवाने वाले सागर जिले के तीन युवा आज हमारे बीच होते। मामले में रहली की कांग्रेस नेत्री ज्योति पटेल ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही प्रशासन को इसका जिम्मेदार ठहराया। 8 महीने से पुल टूटा हुआ है। लेकिन इसे बनाया नहीं गया। पुल के न बनने से जबलपुर तरफ आने जाने वाले लोगों को करीब 35 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। उन्होंने सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए।
वहीं इसके अलावा हमेशा की तरह जिला प्रशासन और कलेक्टर द्वारा क्षतिग्रस्त पुल के आसपास विशेष निर्देश और वेरिकेटिंग की गई है। साथ ही अपील की गई की इसके आसपास कोई भी ना जाए। लेकिन सवाल एक बार फिर यह है की आखिर इस तरह के इंतजाम पहले क्यों नहीं किए गए। पत्र पहले क्यों नहीं लिखा गया। क्या जिला प्रशासन किसी तरह की घटना का इन्तजार कर रहा था। अभी भी सबसे बड़ा सवाल यही है की क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण आखिर कब तक किया जाता है। गौरतलब है की बीते शुक्रवार को तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत टूटे हुए पुल पर सागर जिले के रहली क्षेत्र के तीन युवाओं की जान चली गयी थी। जिसके बाद से लोगों में गुस्सा बना हुआ है।