Sagar - नौरादेही में 28 दिन भी नहीं जी सका कान्हा से आया अनाथ बाघ, 1 महीने में दूसरी घटना से हड़कंप
सागर जिले में एक महीने के अंदर दूसरे टाइगर की मौत होने की खबर आने के बाद हड़कंप मच गया है इस बार मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व नौरादेही के अंदर से यह खबर निकलकर सामने आई है जहां 18 और 19 जनवरी की रात छोड़े गए टाइगर की तीन दिन पहले की मौत हो गई थी फिलहाल जबलपुर से डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम टाइगर रिजर्व में पहुंच रही है जो यहां पर पोस्टमार्टम करने के बाद इसकी मृत्यु होने के सही कारण बताएगी लेकिन फिलहाल इस खबर ने टाइगर रिजर्व प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़ी कर दिए हैं
क्योंकि तीन दिन तक यह टाइगर करने के बाद यहां पर पड़ा रहा और वन कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी, टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार रेडियो कॉलर में मूवमेंट के सिग्नल नहीं मिलने पर फॉलो करने वाली टीम के कर्मचारी टाइगर के पास पहुंचे थे जो इस हालत में मिला, इसके पहले दक्षिण वन मंडल की हिल गण गांव के पास एक बाघ की करंट लगने से मौत हो गई थी, वह टाइगर कहां का था इसका पता लगाने का प्रयास चल ही रहा था कि एक और खबर सामने आ गई
यह टाइगर एक तरह से अनाथ था क्योंकि पेट टाइगर रिजर्व में इसकी मां झाड़ियां में छोड़कर चली गई थी और इसका पालन पोषण कान्हा टाइगर रिजर्व में करीब ढाई साल तक किया गया जब यह बड़ा हो गया तो इसको खुले जंगल में छोड़ने के लिए चिन्हित किया गया था और यह है सबसे अच्छा स्थल वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व माना गया लेकिन यहां पर वह एक महीने भी नहीं जी सका और उसको लेकर बुरी खबर सामने आ गई यहां पर चीता प्रोजेक्ट भी शुरू होना है जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था पर तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं
टाइगर रिजर्व प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार 15 फरवरि 2026 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के core क्षेत्र के मोहाली परिक्षेत्र के मानेगांव बीट के कक्ष क्रमांक 159 में शाम 5:30 बजे बाघ का शव मिला . उक्त बाघ को 18 - 19 जनवरी की दरमियानी रात को रेडियो कॉलर लगाकर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के core वन क्षेत्र में मुक्त किया गया था एवं तब से ही मॉनिटरिंग दल उसकी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे थी . विगत दो दिवसों से उस बाघ की लोकेशन एक जगह ही आ रही थी अतः मॉनिटरिंग दल को चिंता हुई और वो नजदीक जाकर देखें तो उन्हें उक्त बाघ मृत मिला . अंधेरा हो जाने के कारण डॉग स्क्वायड से सर्च , अन्य अन्वेषण एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल अनुरूप पोस्टमार्टम आदि16 फरवरी को की