विधानसभा में गूंजेगा उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग की दुर्घ-टनाओं का मुद्दा
उज्जैन-नागदा-जावरा टू-लेन मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और हेवी यातायात दबाव का मुद्दा अब विधानसभा में गूंजेगा। कांग्रेस विधायकों द्वारा आगामी विधानसभा सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाजाएगा। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और शून्यकाल के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए इस मार्ग को फोरलेन/चौड़ीकरण करने की स्वीकृत करने की मांग की जाएगी। यह बात उज्जैन जिले के नागदा से कांग्रेस के पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर ने पत्रकार वार्ता में कही।
इस दौरान उन्होंने कहा की उनके कार्यकाल में ही उज्जैन-जावरा रोड का निर्माण बीओटी टु-लेन के रूप में किया गया था। उस समय से ही यातायात के ज्यादा दबाव को देखते हुए इसे फोरलेन करने की मांग लगातार की जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उज्जैन-नागदा-जावरा रोड को फोरलेन किए जाने के बजाय उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में नयी रोड की स्वीकृति दे दी। जिससे मौजूदा मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की अनदेखी हुई है आरोप है की अधिकारी भी गलत जानकारी भेज रहे हैं। जबकि लगातार हो रही दुर्घटनाओ के चलते उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन करने के साथ-साथ अंतर्राज्यीय यातायात को ध्यान में रखते हुए ग्रीनफील्ड हाईवे रोड की भी जरुरत है। बताया गया की ग्रीनफील्ड हाईवे से क्षेत्र की उन्नति और विकास में कोई विशेष योगदान नही रहेगा। लेकिन वर्तमान टु-लेन को फोरलेन करने से क्षेत्र में उन्नति, विकास और रोजगार के अवसर बढेगें। आये दिन हो रही दुर्घटनाओं का सिलसिला भी थमेगा।
बीओटी टु-लेन और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे के संबंध में कांग्रेस विधायकों को विस्तृत जानकारी दी गई है। ताकि विधानसभा में व्यापक रूप से यह विषय उठाया जा सके। सिंहस्थ से पहले स्टेट हाईवे-17 उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन/चौड़ीकरण किया जाए।