Sagar- रैबीज़ मुक्त सागर की ओर कदम, मधुकर शाह वार्ड से शुरू होगा डॉग नसबंदी अभियान
सागर नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर अब ठोस कार्रवाई की तैयारी हो गई है। पुणे की अधिकृत एजेंसी यारा फाउंडेशन ने नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतिकरण देते हुए डॉग नसबंदी और एंटी-रेबीज़ टीकाकरण की कार्ययोजना साझा की। प्रस्तुति में बताया गया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम सीएनवीआर प्रक्रिया और एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम 2023 के तहत संचालित होगा। कुत्तों को मानवीय और सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाएगा—लोहे के जाल का उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षित डॉग कैचर्स की नियुक्ति होगी और सभी स्टाफ का रैबीज़ टीकाकरण अनिवार्य रहेगा।
डॉ. पुष्पेंद्र प्रजापति और उनकी टीम ने जानकारी दी कि पकड़े गए कुत्तों की वैज्ञानिक तरीके से नसबंदी और एंटी-रेबीज़ टीकाकरण के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से पकड़ा गया था। कम से कम 70 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी एक वार्ड में पूरी होने के बाद ही अगले वार्ड में अभियान बढ़ाया जाएगा, जिसमें 60 प्रतिशत मादा कुत्तियों की स्पे सर्जरी प्राथमिकता रहेगी।
ऑपरेशन के बाद कुत्तों की पहचान के लिए कान पर V-आकार का निशान लगाया जाएगा। सर्जरी के बाद न्यूनतम तीन दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। ऑपरेशन थिएटर और केनल क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी रहेगी तथा वार्ड-वार मासिक डाटा संधारित किया जाएगा। छह माह से अधिक आयु के कुत्तों को ही पकड़ा जाएगा, जबकि दूध पिलाने वाली मादा और दो माह से कम आयु के पिल्लों को नहीं छुआ जाएगा। आयुक्त खत्री ने निर्देश दिए कि अभियान की शुरुआत मधुकर शाह वार्ड से की जाए, जहां हाल ही में आवारा कुत्तों द्वारा एक बच्ची पर हमला किया गया था। नगर निगम का लक्ष्य है—रैबीज़ मुक्त, सुरक्षित और संतुलित सागर। अब देखना होगा कि यह अभियान शहर को कितनी राहत दिला पाता है।