भागीरथपुरा दूषित पानी को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा,पानी की बोतल लेकर प्रदर्शन
इंदौर के भागीरथपुरा में हुए दूषित पानी कांड की वजह से करीब तीन दर्जन लोगों की जान चली गयी। वहीं सैंकड़ों लोग इसमें प्रभावित हुए थे। जिसके बाद मध्यप्रदेश विधानसभा में यह मुद्दा जमकर गूंजा। कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरा वहीं भागीरथपुरा में दूषित पानी से जान जाने के मामले में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधायकों ने गंदे पानी की बोतल और तख्तियां लेकर सांकेतिक तरीके से प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से जान जाने के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कांग्रेस विधायकों ने हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा की भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की जान गई। जो काफी दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
नेता प्रतिपक्ष बोले की पूरे प्रदेश में जनता को दूषित और मलयुक्त पानी मिलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है। जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने इंदौर की घटना को मप्र को कलंकित करने वाली घटना बताते हुए कहा की वहां की जनता को दूषित जल पिलाया गया। पाइप लाइन और उससे जुड़े कामों के लिए बीजेपी पार्षदों के टेंडर थे। इंदौर नगर निगम के कमिश्नर, M.I.C मेंबर भी जिम्मेदार हैं। विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा की मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। विधायक सचिन यादव ने भी मंत्री के इस्तीफे की बात कही।--------