MP बजट पर सियासी संग्राम, जीतू पटवारी बोले ठग, गुब्बारा और धांधलियों का बजट
मध्य प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट को लेकर सियासत तेज हो गई है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए पेपरलेस बजट में सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए कई बड़े प्रावधानों का दावा किया है। लेकिन विपक्ष ने इस बजट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बजट को “ठग, गुब्बारा और धांधलियों का बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद 71 हजार करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे की बात मानी है, ऐसे में 70 हजार करोड़ से ज्यादा की नई घोषणाओं को कैसे पूरा किया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है। पटवारी का आरोप है कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है, लेकिन बजट का पूरा खर्च तक नहीं कर पाती।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों से आम जनता की जेब खाली हो रही है, जबकि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि “सदन में कुत्तों की नसबंदी पर चर्चा होती है, लेकिन सरकार को भ्रष्टाचार की नसबंदी करनी चाहिए।” कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि कृषि वर्ष घोषित करने के बावजूद धान और गेहूं को लेकर स्पष्ट प्रावधान क्यों नहीं दिखते। साथ ही सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के नाम पर बजट में पारदर्शिता की कमी का आरोप भी लगाया गया। वहीं, सरकार का दावा है कि यह बजट विकास, समावेशी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला है। लेकिन विपक्ष इसे महज घोषणाओं का दस्तावेज बता रहा है। अब सवाल यह है—क्या यह बजट प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करेगा या फिर सियासी बहस का मुद्दा बनकर रह जाएगा?