ऐसा शिविर की 8 वार्डों के 50 लोग भी नहीं पहुंचे,खाली पड़ी रही कुर्सियां
एक शिविर आयोजित किया गया था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आएं और शिविर के माध्यम से अपनी बात भी रखें। खुद कलेक्टर भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। लेकिन यह शिविर वैसा लग नहीं पाया जैसा की उम्मीद की गयी थी। कार्यक्रम में आधे से ज्यादा कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। आठ वार्डों लोग इसमें शामिल होना था। लेकिन बमुश्किल करीब 50 लोग ही पहुंचे। दरअसल एमपी के उमरिया जिले के पाली में संकल्प से समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। जहां कुर्सियां खाली रहीं तो व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है की नगर पालिका पाली द्वारा संकल्प से समाधान अभियान के तहत गायत्री मंदिर के पास शिविर लगाया गया था। लेकिन वार्ड 8 से 15 तक के हितग्राहियों में अपेक्षित उपस्थिति नहीं दिखी। आठ वार्डों से 50 लोग भी नहीं पहुंचे। कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर धरनेंद्र जैन ने बताया कि डोर-टू-डोर अभियान के तहत अब तक 2052 आवेदन मिले हैं। जिनमें से 1572 का निराकरण किया जा चुका है। बाकी आवेदनों का समाधान भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। शिविर के दौरान कलेक्टर ने लाड़ली लक्ष्मी, स्ट्रीट वेंडर, फौती नामांतरण और सम्बल योजना के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
वहीं मंच पर माता बिरासिनी मंदिर का छायाचित्र रखे जाने के बावजूद दीप प्रज्वलन और पूजा न होने पर कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई।
स्थानीय स्तर पर नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मुद्दों पर क्या कदम उठाता है।