युवती की मौत पर सवालों का साया, 12 दिन बाद भी मुख्य आरोपी फरार, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 26 वर्षीय वैष्णवी उर्फ प्राची सिंह की मौत का मामला अब पुलिस कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। घटना को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच मामले में पुलिस की कार्यशैली भी चर्चा के केंद्र में आ गई है। जब मीडिया ने इस केस को लेकर सीएसपी हीना खान से फोन पर जानकारी लेनी चाही, तो कथित तौर पर उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “आप अब 11 फरवरी के केस के बारे में पूछ रहे हैं।” जब पूछा गया कि 10 दिन में क्या कार्रवाई हुई और गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई, तो जवाब मिला — “फिंगर पर याद नहीं रहता, डायरी देखनी पड़ेगी।” इस बयान ने प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरा मामला 11 फरवरी का है। ट्रांसपोर्ट नगर, जीडीए कॉलोनी निवासी वैष्णवी की मुलाकात पुरानी छावनी निवासी राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया से करीब एक साल पहले हुई थी। युवक ने खुद को सेना का जवान बताया। परिवार के विरोध के बावजूद वैष्णवी ने छह महीने पहले मंदिर और नोटरी में शादी कर ली। लेकिन शादी के बाद भी पति उसे अपने घर नहीं ले गया और सिरोल स्थित ईस्ट मेरेडियन टाउनशिप में किराए के फ्लैट में रखता रहा। यहीं उसे पति के पहले से शादीशुदा होने और बच्चों की सच्चाई का पता चला। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद दहेज को लेकर प्रताड़ना, मारपीट और धमकियों का दौर शुरू हो गया। मानसिक तनाव से टूट चुकी वैष्णवी ने 12 फरवरी को अपने घर पर आत्मघाती कदम उठा लिया।
मौत से पहले उसने 11 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ कहा कि यदि उसे कुछ हुआ तो उसके लिए उसके पति और ससुराल पक्ष जिम्मेदार होंगे। वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेशभर में आक्रोश है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से न्याय की राह पर सवाल खड़े हो रहे हैं।