किस्तें पूरी, फिर भी धमकी ! निजी फाइनेंस कंपनी पर जबरन वसूली और घर नीलामी की चेतावनी का आरोप
मध्य प्रदेश के सिवनी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी फाइनेंस कंपनी पर ग्राहक को प्रताड़ित करने और जबरन वसूली का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता दिनेश पटेल ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराते हुए कहा कि कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। दिनेश पटेल के मुताबिक, उन्होंने साल 2021 में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। उस समय कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि लोन की अवधि 5 साल की है। लेकिन अब, सभी किस्तें समय पर जमा करने के बावजूद, कंपनी के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि लोन 7 साल का है। इतना ही नहीं, घर नीलाम करने और बदनाम करने की धमकी भी दी जा रही है।
पीड़ित का आरोप है कि लोन स्वीकृत करते समय मॉर्गेज और फाइल चार्ज के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये अतिरिक्त वसूले गए। उनका कहना है कि उन्होंने तय समय से पहले ही पूरी राशि चुका दी, बल्कि मूल लोन से ज्यादा रकम जमा की है। इसके बावजूद लगातार फोन कॉल, दबाव और धमकियां मिल रही हैं। इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लोन की अवधि को लेकर विवाद है। आवेदक का कहना है कि मौखिक रूप से 5 साल की अवधि बताई गई थी, जबकि कंपनी अब 7 साल की अवधि बता रही है।
फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की जांच, भुगतान रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। सवाल यह है कि क्या यह गलतफहमी है या फिर वाकई लोन के नाम पर बड़ा खेल? अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा, या यह मामला लंबी कानूनी लड़ाई में बदलेगा—यह आने वाला वक्त बताएगा।