मध्य प्रदेश नक्सलमुक्त! डीजीपी कैलाश मकवाना बोले मजबूत इच्छाशक्ति और समन्वय से मिली ऐतिहासिक सफलता
मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश को नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित करते हुए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। इंदौर में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग चैंपियनशिप के दौरान उन्होंने कहा कि यह सफलता मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, केंद्र के स्पष्ट निर्देश और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर समन्वय का परिणाम है। डीजीपी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद लंबे समय से बड़ी चुनौती रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की स्पष्ट मंशा थी कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में योजनाबद्ध अभियान चलाया गया।
उन्होंने बताया कि खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया, लगातार ऑपरेशन चलाए गए और पुलिस, केंद्रीय बलों व अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया गया। इसका नतीजा यह रहा कि नक्सल नेटवर्क की कमर टूट गई। कई इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया, जबकि कई बड़े ऑपरेशनों में मारे गए। हाल ही में टॉप कमांडर थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। वहीं मल्ला रेड्डी जैसे बड़े नाम भी अपने साथियों के साथ मुख्यधारा में लौट आए। सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई से नक्सली नेतृत्व में भी खौफ देखा जा रहा है।
डीजीपी मकवाना ने स्पष्ट किया कि अब फोकस सिर्फ ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शांति और विकास को स्थायी बनाए रखना प्राथमिकता होगी। जिन इलाकों में पहले लाल आतंक का प्रभाव था, वहां अब विकास कार्यों को गति दी जाएगी। मध्य प्रदेश का नक्सलमुक्त होना न सिर्फ राज्य बल्कि देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब निगाहें 31 मार्च 2026 की उस तय तारीख पर हैं, जब पूरे भारत से नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य रखा गया है।