Sagar- बुखार के साथ शरीर पर आ रहे है क्या सिगरेट के जलने जैसे निशान, तो रहे सावधान
सागर जिले के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ सालों से पिस्सू के काटने से खतरनाक बीमारी स्क्रब टायफस फैल रही है जिसमें लापरवाही करने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है लेकिन अब इसकी जांच करने और मॉनिटरिंग के लिए सागर मेडिकल कॉलेज को स्पोक केंद्र बनाया गया है, राष्ट्रीय रिकॉट्सियल सर्विलांस कार्यक्रम के तहत इसका चयन किया गया है मार्च के पहले हफ्ते से यहां पर इसकी जांच भी शुरू हो जाएगी.
राष्ट्रीय रिकॉट्सयल सर्विलांस कार्यक्रम सरकार द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य देश में स्क्रब टायफस जैसी बीमारियों की पहचान करना और उन्हें फैलने से रोकना है। यह कार्यक्रम सरकार द्वारा शुरू किया इसके तहत राज्यों के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को रीजनल लैब्स के रूप में चुना जाता है। यह लैब इस बात पर नजर रखती हैं कि किसी खास इलाके में स्क्रब टायफस के कितने मरीज मिल रहे हैं और क्या यह कोई महामारी का रूप तो नहीं ले रहा।
डॉ. सुमित रावत माइक्रोबायोलॉजी विभाग बीएमसी ने बताया कि स्क्रब टायफस एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। यह इंसानों को तब होता है जब पिस्सू काटते हैं। ये अक्सर झाड़ियों, घास और खेतों में पाए जाते हैं। जहां कीड़ा काटता है, वहां सिगरेट से जले हुए जैसा एक काला निशान बन जाता है जिसे एस्कर कहते हैं। इसके लक्षणों में तेज बुखार, बेहोशी की स्थिति, सांस लेने में गंभीर समस्या जैसी स्थितियां शामिल हैं। इस केंद्र की स्थापना से अब इन लक्षणों वाले मरीजों की त्वरित पहचान, सटीक निगरानी और बेहतर नियंत्रण संभव हो सकेगा, जिससे मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी