Sagar- बीच रेल्वे ट्रैक पर फंस गया पानी से भरा टैंकर आने वाली थी एक्सप्रेस ट्रेन, फिर हुए कुछ ऐसा
सागर जिले के खुरई में एक ट्रेक्टर चालक ने लापरवाही करते हुए न सिर्फ खुद की जान मुसीबत में डाली, बल्कि रेल्वे प्रशासन की सांसें फुला दी। ट्रेन आने के सिग्नल हो चुके थे, गाड़ी कुछ समय बाद रेल पटरी से गुजरने वाली थी की अचानक ट्रेक्टर चालक ने जल्दबाजी में पानी के टैंकर को निकालने की कोशिश की और हड़बड़ी में टैंकर पहले फाटक से टकराया फिर अनियंत्रित होकर ट्रैक पर ही रुक गया। ड्राइवर ने काफी कोशिश की लेकिन टैंकर समेत ट्रेक्टर फंस गया था। जिस वजह से ट्रेन को आउटर पर रुकवाना पड़ा। वहीं एक दूसरी ट्रेन को अन्य स्टेशन पर रोका गया।
यह पूरी घटना सागर जिले के खुरई खुरई रेलवे स्टेशन के पास स्थित गुरुकुल रेलवे फाटक से सामने आई है। बताया गया की सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के आने के संकेत हो चुके थे। रेलवे गेट को बंद किया जा रहा था, उसी समय एक पानी के टैंकर चालक ने जल्दबाजी के चक्कर में टैंकर को फाटक से निकालने का प्रयास किया तभी टैंकर से फाटक टकरा गया और टूट गया। ट्रैक्टर रेलवे ट्रैक पर जाकर रूक गया। फिर क्या था तत्काल गेटमैन ने स्टेशन मास्टर को सूचित कर रेड सिग्नल कराकर सोमनाथ एक्सप्रेस को आउटर पर रुकवा दिया। साथ ही मेमू ट्रेन को भी बघोरा स्टेशन पर रोका गया। इस दौरान फाटक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गयी थी।
जानकारी के मुताबिक सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के खुरई रेलवे स्टेशन पर आने के संकेत मिलने पर गुरुकुल रेलवे फाटक के केबिन में तैनात गेटमैन फाटक को बंद करने लगा। तभी गुरुकुल चौराहा से खिमलासा रोड तरफ एक पानी का टैंकर निकल रहा था। टैंकर से टकराकर उसमें बूम फंस गया और आगे तक चला गया। गेटमैन ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। जिससे स्टेशन मास्टर ने बिना देर किए सोमनाथ के सिग्नल रेड कर दिए। ट्रेन तकरीबन 20 मिनट आउटर पर ही खड़ी रही। जबकि मेमू ट्रेन 15 मिनट तक रुकी रही। सूचना लगते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे। साथ ही आरपीएफ के जवान भी पहुंचे थे।------