Sagar- नौरादेही में बाघ की मौत पर VDTR को फटकार, कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश | SAGAR TV NEWS |
सागर के नौरादेही टाइगर रिजर्व में 15 फ़रवरी को एक बाघ की मौत हो गई थी जिस पर वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने सवाल उठाते हुए शिकायत की थी, अब इस मामले में उच्च अधिकारियो को जमकर फटकार लगाई है, और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है, इस बढ़ को 19 जारी को कान्हा से लाकर शिफ्ट किया गया था लेकिन वह एक महीने भी नहीं जी सका, टेरिटोरियल फाइट में उसकी जान चली गई थी, इस मामले में वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कई गंभीर सवाल खड़े किए थे और मुख्य वन सरंक्षक को शिकायत भेजी थी.
इस शिकायत के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने टाइगर रिजर्व के डीएफओ को नोटिस जारी करते हुए 3 दिन में जवाब मांगा था. वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट की शिकायत के बाद नौरादेही टाइगर रिजर्व के डीएफओ रजनीश कुमार सिंह द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने नाराजगी जताई है. उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि आपने स्थानीय कर्मचारियों द्वारा की गई घोर लापरवाही को छुपाने का प्रयास किया है. पत्र में लेख है कि रेडियो कॉलर बाघ को कान्हा से लाने के बाद 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही थी. 13 फरवरी को एक ही स्थान पर लगातार लोकेशन मिलने के बाद भी मॉनिटरिंग टीम बाघ को देखने नहीं गई और वह 48 घंटे बाद लोकेशन पर पहुंची, तो बाघ मृत पाया गया.
इसी प्रकार प्रतिवेदन में उल्लेख है कि पोस्टमार्टम के दौरान बाघ की खोपड़ी पर किसी अन्य बाघ के केनाइन दांत के निशान थे एवं खोपड़ी की हड्डियां भी टूटी हुईं थी, जिस कारण बाघ की मृत्यु हुई है. इसका मतलब यह हुआ कि दो बाघ आपस में लड़ते हैं, तो इनकी दहाड़ की गूंज 1 से 2 किलोमीटर तक सुनाई देती है. फिर भी स्थानीय कर्मचारियों ने उनकी लड़ाई को अनसुना कर दिया.