फफक कर रो पड़ी महिलाएं, बोली हमारा घर मत तोड़ो साहब, पूरी ज़िंदगी लगा दी इन्हे बनाने में
हमने अपनी पूरी ज़िंदगी लगा हमारा घर मत तोड़ो, हमारे छोटे छोटे बच्चे हैं उनको लेकर कहां जाएंगे। जो बूढ़े माँ-बाप हैं उन्हें कहां ले जाएंगे। रोकर चीखकर अपनी व्यथा सुनाने वाली इन महिलाओं का दर्द यह है की सड़क चौड़ीकरण के नाम पर इनके मकानों को तोड़ा जाना है आशियाने उजड़ जाने की खबर के बाद से लोग हैरान और परेशान हैं। तस्वीरें एमपी के उज्जैन जिले की हैं। जहां महिलाऐं रो रो कर फ़रियाद कर रही हैं की उनके आशियानें न उजाड़े जाएं नहीं तो क्या करेंगे। इन्हे बनाने में अपनी पूरी ज़िंदगी लगा दी है। कहा गया की हम चाहते हैं की शहर का विकास हो। सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है अच्छी बात है लेकिन इतना न किया जाए की रहने को जगह ही न बचे। इसी को लेकर उज्जैन में पीपली नाका से जेल तिराहे तक सड़क चौड़ीकरण के विरोध में क्षेत्रीय रहवासी सड़कों पर उतर आये। रहवासियों ने स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा के कार्यालय का घेराव कर दिया। साथ ही जमकर नारेबाजी भी की गयी। इस दौरान रहवासियों का कहना था की सड़क की चौड़ाई कम की जाये। दरअसल आगामी सिंहस्थ को देखते हुए प्रशासन द्वारा पीपली नाका चौराहे से जेल तिराहे और पीपली नाका से गढ़कालिका मंदिर तक सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जिसका क्षेत्रीय रहवासियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसी को लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। इस दौरान नाराज़ लोगों ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विघायक अनिल जैन कालूखेड़ा के कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। रहवासियों का कहना था कि हम चौड़ीकरण के विरोध में नही हैं। हमारी मांग है कि सड़क की चौड़ाई कम की जाये। इसी दौरान महिला फफक कर रो पड़ी।