सिल्वर मेडल जीती, लेकिन युद्ध के बीच विदेश में फंसी MP की बेटी, CM की सक्रियता से वतन वापसी
एमपी की रहने वाली एक बेटी ने अल्बानिया के तिराना में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के तनाव के कारण फ्लाइट्स रद्द होने से वह फंसकर रह गई। अब प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव की सक्रियता से बेटी की वतन वापसी हो सकी। सीएम ने खुद उसके पिता से वीडियो कॉल पर चर्चा की। उज्जैन की रहने वाली होनहार पहलवान प्रियांशी प्रजापत ने अल्बानिया के तिराना में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग टूर्नामेंट में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। पदक जीतने के बाद मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के तनाव के कारण फ्लाइट्स रद्द हो गईं और प्रियांशी अन्य खिलाड़ियों के साथ वहीं फंस गईं। संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल से प्रियांशी की सुरक्षित घर वापसी संभव हो सकी है।
बता दें की प्रियांशी ने 50 किलो भार वर्ग में ओलंपियन खिलाड़ियों को शिकस्त देकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 26 तारीख को मिली इस जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते उनकी स्वदेश वापसी मुश्किल हो गई थी। प्रियांशी के पिता मुकेश प्रजापत ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केंद्र सरकार से समन्वय किया और खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराई। मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रियांशी अब दिल्ली पहुंच चुकी है। जहां प्रधानमंत्री पूरी टीम से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे।
पिता मुकेश प्रजापत के मुताबिक प्रियांशी जल्द अपनी जन्मभूमि उज्जैन पहुंचेंगी। इससे पहले भी वे वियतनाम में गोल्ड मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित कर चुकी हैं। पिता ने इस सफलता को प्रियांशी की सालों की मेहनत और त्याग का परिणाम बताया है। फिलहाल, उज्जैन में अपनी सिल्वर गर्ल के भव्य स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की जा रही हैं।