सागर- बीना में बृज जैसी होली, प्रभात फेरी में भजनों पर झूमे भक्त, फूल-गुलाल से खेली होली
सागर जिले के बीना में होली का त्योहार इस बार भी अनोखी परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। यहां पिछले 14 वर्षों से राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल ब्रह्म मुहूर्त में शहर के प्रमुख मार्गों से प्रभात फेरी निकालता है। खास बात यह है कि यहां रंगों की जगह भक्त भगवान के भजनों पर नृत्य करते हुए फूलों और गुलाल से होली खेलते हैं। भक्ति और उत्साह से भरी इस प्रभात फेरी ने पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना दिया।
सोमवार को होलिका दहन के बाद मंगलवार को चंद्रग्रहण होने के कारण लोगों ने होली नहीं खेली। लेकिन बुधवार की सुबह बीना में होली का असली रंग देखने को मिला। सुबह करीब 5 बजे राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल ने मां जागेश्वरी धाम से प्रभात फेरी की शुरुआत की।
यह प्रभात फेरी मां जागेश्वरी धाम से निकलकर थाना के पीछे, सर्वोदय चौराहा, कॉलेज तिराहा, गांधी चौक और महावीर चौक जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम पहुंची।
प्रभात फेरी शुरू होने से पहले ही श्रद्धालु रंग-गुलाल और फूलों से होली खेलते नजर आए। मां जागेश्वरी धाम का परिसर उस समय ऐसा लग रहा था मानो बृजधाम की झलक यहां उतर आई हो। राधा-कृष्ण की झांकी, ढोल-मंजीरों की धुन और भजनों की गूंज के बीच भक्त पूरे उत्साह के साथ झूमते नजर आए।
आज बृज में होली खेले रे रसिया…” जैसे भजनों की धुन पर भक्त नाचते-गाते रहे और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई देते रहे। सुबह करीब साढ़े सात बजे तक मां जागेश्वरी धाम का परिसर भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा।
राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल की खास बात यह है कि इसमें सभी जाति और वर्ग के लोग एक साथ शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाते हैं। यही कारण है कि यह प्रभात फेरी अब बीना की पहचान बन चुकी है।