रमजान से पहले खजूर का संकट, ईरान से सप्लाई रुकी, बाजार में बढ़ी कीमत और चिंता
रमजान का पवित्र महीना चल रहा है और कुछ ही दिनों में ईद भी आने वाली है। ऐसे समय में खजूर की मांग सबसे ज्यादा रहती है, लेकिन मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में इस बार खजूर की सप्लाई प्रभावित हो गई है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ईरान से आने वाली खजूर समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की चिंता बढ़ गई है। बुरहानपुर जिले में रमजान के दौरान खजूर की खपत हर साल काफी बढ़ जाती है। मुस्लिम समाज में रोजा खोलने के समय खजूर से इफ्तार करने की परंपरा है, इसलिए बाजारों में अलग-अलग किस्मों की खजूर की भारी मांग रहती है।
लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। व्यापारियों के अनुसार ईरान से आने वाली कई प्रसिद्ध किस्मों की खजूर का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। इनमें मगरूम, माघ फटी, नजर फटी, मरियम, जबल, अजवानी और अल्जीरिया जैसी लोकप्रिय किस्में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही परिस्थितियों और स्ट्राइक के कारण ईरान से खजूर की खेप समय पर भारत नहीं पहुंच पा रही है। इसका सीधा असर स्थानीय बाजारों पर दिखाई दे रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हर साल रमजान से पहले खजूर का पर्याप्त स्टॉक बाजार में पहुंच जाता था, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। जो पुराना स्टॉक दुकानों में मौजूद था, वह भी अब लगभग खत्म होने की कगार पर है। इतना ही नहीं, दुबई से आने वाली खजूर की सप्लाई भी फिलहाल प्रभावित बताई जा रही है, जिससे बाजार में विकल्प भी कम हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही नई खेप बाजार में नहीं पहुंची, तो रमजान और ईद तक खजूर की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं ग्राहक भी अपनी पसंदीदा किस्म की खजूर नहीं मिलने से निराश नजर आ रहे हैं। फिलहाल लोग बाजार में उपलब्ध सीमित खजूर से ही अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हालात सामान्य होंगे और नई खेप बाजार में पहुंचने के बाद लोगों को राहत मिलेगी।