सागर में करोड़ों के बकायादारों पर चला कुर्की का डंडा, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई
सागर नगर निगम ने बकाया करों की वसूली को लेकर अब सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय से संपत्तिकर और अन्य करों की राशि जमा न करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ नगर निगम ने कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर के दो बड़े बकायादार ट्रस्टों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया। राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी के नेतृत्व में राजस्व टीम ने शहर के जवाहरगंज स्थित श्री जैन मंदिर ट्रस्ट कोठा तारण तरण चैत्यालय और देव राधा-माधव गेंडा जी ट्रस्ट के खिलाफ यह कार्रवाई की।
नगर निगम के अनुसार इन दोनों ट्रस्टों पर संपत्तिकर की बड़ी राशि लंबे समय से बकाया थी। कई बार नोटिस देने के बावजूद जब कर जमा नहीं किया गया, तब मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 175 के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई। राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी ने बताया कि श्री जैन मंदिर ट्रस्ट कोठा तारण तरण चैत्यालय पर करीब 15 लाख 56 हजार 944 रुपये का संपत्तिकर बकाया था। वहीं देव राधा-माधव गेंडा जी ट्रस्ट पर 18 लाख 97 हजार 174 रुपये की राशि लंबे समय से जमा नहीं की गई थी। नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के अन्य बड़े बकायादारों में भी हड़कंप मच गया है।
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में जिन लोगों या संस्थाओं पर कर बकाया है, उनसे वसूली के लिए प्रतिदिन सख्त कार्रवाई की जाए और इसकी नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले संपत्तिकर, जलकर, दुकानों का किराया और कचरा प्रबंधन शुल्क जैसी बकाया राशि जल्द से जल्द जमा करें। उन्होंने यह भी बताया कि शासन के नियमों के अनुसार 31 मार्च के बाद संपत्तिकर की राशि दोगुनी हो सकती है। इसलिए नागरिक समय रहते अपने करों का भुगतान कर नगर निगम का सहयोग करें। नगर निगम का कहना है कि यदि बकाया राशि जमा नहीं की गई तो आने वाले दिनों में शहर के अन्य बड़े बकायादारों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।