नई उम्र के युवकों में फेमस होने का शौक बन रहा है घातक, SP की ये बात ज़रूर सुनना चाहिए
आज के दौर में सोशल मीडिया के जितने कम फायदे उससे कहीं ज्यादा इसके नुकसान हैं। सोशल मीडिया पर मशहूर होने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं। जिनमें एक भाईगिरी भी है। यानि नौजवान युवकों को फेमस होने का ऐसा जूनून सवार है की वो अपराध के रास्तों पर चल रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा नई उम्र के युवक बिगड़ रहे हैं। हाल ही में दमोह में स्कूल के छात्र पर चाक़ू से हमले के बाद युवक की जान जाने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पर सागर संभाग के दमोह जिले के पुलिस कप्तान श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने चिंता जताई है। साथ ही अब दूसरे तरीकों से अपराधों को रोकने की बात कही है।
दरअसल एसपी का कहना है की ये पुलिस के लिए भी एक चैलेंज की तरह है। नई उम्र के युवकों के बिगड़ने का कारण सोशल मीडिया का प्रभाव तो है। ही साथ ही वह मोहल्ले, गांव या छोटे इलाकों में ऐसे लोगों को अपना आदर्श बना रहे हैं जो अपराधी किस्म के हैं। जो चाक़ू लेकर घूमते हैं। इस तरह वह लोगों में अपनी धौंस ज़माना चाहते हैं। ताकि उनका नाम हो और वह दबंगई कर सकें। वर्तमान दौर में ये स्थिति काफी चिंताजनक है।
क्योंकि खासकर 13 साल से लेकर 18 साल के युवकों में ऐसी चीजें देखने को मिल रही हैं। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी का कहना है की यह सामजिक बुराई के रूप में उभर रही है। जो पुलिस के लिए भी एक बड़ा चैलेंज है। उन्होंने कहा अगर प्रशासनिक और कानून की नज़र से देखें तो हम इस चीज पर काम नहीं करते हैं। अपराधों की रोकथाम और अपराध के बाद पता लगाने जैसी चीजों पर मुख्य रूप से काम किया जाता है।
एसपी सोमवंशी बोले की दमोह में जो छात्र के साथ घटना हुई इसको लेकर अलग से काम करने की ज़रूरत है। आने वाले तीन से चार दिनों में ही इस पर प्लान बनाकर काम करना शुरू कर देंगे।------
गौरतलब है की दमोह जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्कूल के बाहर एक 15 साल के युवक ऋषि अहिरवाल पर चाक़ू मारकर जान ली ली थी। घटना को अंजाम देने वाले अन्य स्कूल के ही कुछ छात्र थे। नई उम्र के युवक चाक़ू छुरियां चला रहे हैं जो चिंताजनक है।