कलेक्ट्रेट में महिला शक्ति का मोर्चा, जनसुनवाई में सिर्फ महिला अधिकारियों ने सुनी जनता की समस्याएं
एमपी के सागर संभाग के दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई इस बार खास रही। दरअसल महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर एक अनोखी पहल की गई, जिसमें इस बार जनसुनवाई में केवल महिला अधिकारियों ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। आम तौर पर जनसुनवाई में पुरुष और महिला अधिकारी दोनों शामिल होते हैं, लेकिन इस बार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरी व्यवस्था महिला अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई। कलेक्ट्रेट में सुबह से ही लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जहां महिला अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक सभी आवेदनों को सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस रविवार को था, इसलिए महिला सशक्तिकरण के संदेश को मजबूत करने के लिए मंगलवार की जनसुनवाई को विशेष रूप से महिला अधिकारियों के नाम किया गया। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन लगातार महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। कलेक्टर ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। चाहे प्रशासनिक सेवा हो, शिक्षा, खेल, विज्ञान या सामाजिक क्षेत्र—हर जगह महिलाएं अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
जनसुनवाई के दौरान एडीएम मीना मसराम, भू-अभिलेख अधिकारी वर्षा दुबे सहित अन्य महिला अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल भी मौजूद रहीं। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई को लेकर लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। कई महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं खुलकर अधिकारियों के सामने रखीं। अब देखना दिलचस्प होगा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में कितनी कारगर साबित होती है और समाज में महिलाओं को और अधिक आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने में कितना योगदान देती है।