स्पार्किंग से खेतों में लगी आग, बिजली विभाग की लापरवाही से जली किसानों की फसल, आंदोलन की चेतावनी
एमपी के उज्जैन जिले के नागदा क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। खेतों में खड़ी फसल विद्युत लाइनों से हो रही स्पार्किंग के कारण जलकर खाक हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। दरअसल नागदा तहसील के रोहल कला गांव में एक किसान की गेहूं की खड़ी फसल बिजली के तारों से हुई स्पार्किंग के कारण जलकर राख हो गई। घटना के बाद किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला। किसान नेता कमल आर्य के नेतृत्व में कई किसान बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और एमपीईबी के अधिकारी अमरीश डी.ई. को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
किसान नेता कमल आर्य का कहना है कि मार्च का महीना चल रहा है और इस समय किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। लेकिन खेतों में लगे बिजली के खंभों से लटकते तारों में लगातार स्पार्किंग होती है, जिससे फसलों में आग लग जाती है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं किसान बापू सिंह गुर्जर ने बताया कि उनके भीमपुरा स्थित खेत में भी कई सालों से बिजली के तार खतरनाक तरीके से लटक रहे हैं। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
किसान रामकिशोर भाटी का कहना है कि किसान कर्ज लेकर बड़ी मेहनत से फसल तैयार करता है। अगर इस तरह की लापरवाही से फसल जल जाती है तो किसान पूरी तरह कर्ज के बोझ में दब जाता है। वहीं मामले की जानकारी मिलने के बाद महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस ने भी अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। बिजली विभाग के अधिकारी का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली लाइनों को दुरुस्त नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।