अमरकंटक के जंगलों में भीषण आग, 8–10 एकड़ वनभूमि जलकर खाक, पर्यावरण पर मंडराया खतरा
मध्यप्रदेश की पवित्र नगरी और प्रमुख पर्यटन स्थल अमरकंटक के हरे-भरे जंगल इन दिनों आग की चपेट में आ रहे हैं। ताजा मामला कपिला संगम और जमुना दादर क्षेत्र का है, जहां अज्ञात लोगों द्वारा लगाई गई आग ने देखते ही देखते करीब 8 से 10 एकड़ वनभूमि को अपनी चपेट में ले लिया।
इस घटना से इलाके में चिंता का माहौल बन गया है और वन संपदा पर खतरा मंडराने लगा है। जानकारी के अनुसार अमरकंटक नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8 स्थित कपिला संगम–जमुना दादर क्षेत्र के जंगल में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अचानक आग भड़क उठी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा जंगल में जानबूझकर आग लगाई गई, जिसके बाद तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
आग की लपटों ने जंगल में उगे नवोदित पौधों, सूखी झाड़ियों और कई पेड़ों के हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 8 से 10 एकड़ क्षेत्र में फैली इस आग से बड़ी मात्रा में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी दो से तीन दिन पूर्व इसी क्षेत्र में जंगल में आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसे काफी मशक्कत के बाद बुझाया गया था। बार-बार हो रही इन घटनाओं से अमरकंटक की हरी-भरी वादियां प्रभावित हो रही हैं और पर्यावरण पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
जंगल में लगी आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुआं फैल गया, जिससे प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ तापमान में भी बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। बताया जा रहा है कि जहां आग लगी वह क्षेत्र वन विभाग और नगर परिषद की सीमा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में आग पर काबू पाने और रोकथाम को लेकर दोनों विभागों के बीच समन्वय की कमी भी देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।