आग की लपटों ने उजाड़ दी ज़िंदगियां, आदिवासी फालिया में 6 घर राख, 20 बकरियां जिंदा जलीं
जलते घरों की लपटों में सिर्फ दीवारें नहीं जलीं… किसी का आशियाना, किसी की उम्मीदें और किसी की पूरी जिंदगी राख हो गई। मध्यप्रदेश के Khandwa जिले से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां भीषण आग ने आदिवासी परिवारों की दुनिया उजाड़ कर रख दी। घटना Pandhana तहसील के Jamli Khurd गांव के खापरी क्षेत्र स्थित आदिवासी धनतर फालिया की है। मंगलवार को अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते छह कच्चे मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी पूरी गृहस्थी पल भर में जलकर राख हो गई।
पंचनामे के अनुसार आग में घरों का पूरा सामान, कपड़े, अनाज और आदिवासी परिवारों की मेहनत से जुटाए गए चांदी के आभूषण तक जल गए। इतना ही नहीं, इस हादसे में करीब 20 बकरियां जिंदा जल गईं। बताया जा रहा है कि कई बकरियों की हड्डियां तक नहीं बचीं। एक भैंस भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई, हालांकि वह अभी जीवित है लेकिन गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है। आग लगते ही पूरे फालिया में चीख-पुकार मच गई। जिन घरों में कभी चूल्हा जलता था, वहां अब सिर्फ राख और मलबा ही दिखाई दे रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि इन परिवारों के पास अब पहनने के लिए कपड़े तक नहीं बचे हैं।
ग्राम सरपंच के अनुसार आग की लपटें पास के खेतों तक पहुंचने लगी थीं, जहां गेहूं की फसल जमा थी। यदि आग वहां तक पहुंच जाती तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। लेकिन ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रैक्टर से कल्टीवेटर चलाकर खेतों के चारों ओर मिट्टी की पट्टी बना दी, जिससे आग आगे फैलने से रुक गई। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक छह परिवारों का सब कुछ जलकर खत्म हो चुका था। अब इन आदिवासी परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर छिपाने की जगह और दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना है। गांव में मातम जैसा माहौल है और पीड़ित परिवारों की आंखों में अब भी अपने उजड़े घरों का दर्द साफ दिखाई दे रहा है।