कलेक्ट्रेट में उग्र प्रदर्शन, केन-बेतवा विस्थापितों ने जड़ा ताला, धारा 163 लागू
मध्यप्रदेश के Panna में आज केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित ग्राफिर मीणों का आंदोलन अचानक उग्र हो गया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इस घटना से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया और कई अधिकारी व कर्मचारी अंदर ही फंस गए। दरअसल केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीण लंबे समय से मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में BNSS Section 163 लागू कर दी। यह वही प्रावधान है जो पहले CrPC Section 144 के रूप में लागू किया जाता था। इस आदेश के तहत चार से अधिक लोगों के एकत्रित होने और नारेबाजी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट Usha Parmar ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita Section 223 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बन गई। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि कलेक्ट्रेट और न्यायालय से जुड़े कामकाज में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अब भी अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल पन्ना कलेक्ट्रेट के आसपास का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।