सागर- 15 दिन बाद थी पत्नी की डिलेवरी,पति थ्रेसर मशीन की ब्लेडों में फंस गया,फिर बच नहीं सका
करीब 15 दिन बाद पत्नी की डिलेवरी होनी थी इसलिए बाहर काम करने वाला पति ख़ुशी-ख़ुशी में पहले ही अपने घर आ गया। ताकि खुशियां मना सके लेकिन उसे क्या पता था की वह अपने बच्चे का चेहरा की नहीं देख पायेगा और दुनिया छोड़ जाएगा। जी हां थ्रेसर की ब्लेडों में फंसने से उसकी बुरी तरह से जान चली गयी। घटना सागर जिले के खिलमलासा थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है की सदरपुर टांडा गांव में खेत पर फसल का पूरा थ्रेसर में डालते समय एक मजदूर थ्रेसर की ब्लेडों में फंस गया। जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बीते कुछ दिनों पहले ही बांदरी थाना इलाके में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी। जिसमें एक मजदूर की जान चली गयी थी।
दरअसल इन दिनों क्षेत्र में फसलों की कटाई का काम जोर शोर से चल रहा है। वहीं मजदूरों की जरा सी लापरवाही से बड़ी घटना हो जाती है। बांदरी थाना क्षेत्र के बूधोन गांव में थ्रेसर करते समय एक मजदूर ने दम तोड़ा था। वहीं अब इसी तरह का मामला खिमलासा के सदरपुर टांडा गांव से भी सामने आया। बताया गया की एक किसान की राई की फसल की थ्रेसर होनी थी। इसके लिए मजदूरी करने नंद किशोर सिंह लोधी निवासी खिमलासा गया हुआ था। थ्रेसर में फसल के पूरा डालते समय नंद किशोर का हाथ थ्रेसर की ब्लेडों की चपेट में आ गया। जिससे तेज रफ्तार ब्लेडों ने नंद किशोर को अंदर खीच लिया। जिससे उसकी जान चली गयी। युवक के चाचा दरयाव सिंह लोधी ने बताया कि नंद किशोर कुरवाई में कपड़े की दुकान पर काम करता था। उसकी पत्नि को 15 दिनों बाद डिलेवरी होनी थी। बच्चा होने की खुशी के लिए वह पहले ही आ गया था। लेकिन उसका दोस्त अपने खेत पर फसल कटाई के लिए साथ ले गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।------