नाबालिग ने खुद रची अपने अपहरण की कहानी, वजह जानकर सन्न राज जाएंगे आप
खेत में बाइक पड़ी हुई थी, मोबाइल नंबर बंद था और कुछ देर बाद कॉल आता है की आपके बेटे का अपहरण हो गया। यह सुनकर मानो परिजनों के पैरों तले जमीन ही खिसक गयी। लेकिन जब सच्चाई पता चली तो सभी दंग रह गए। खुद पुलिस ने अपना माथा पकड़ लिया। यह सब हुआ एमपी के रायसेन जिले में, जहां एक नाबालिग ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची। लेकिन बाद में सच्चाई सामने आयी तो पता चला की युवक ने डर की वजह से ऐसा किया था।
रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के कथित अपहरण की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। उसकी बाइक खेत पर खड़ी मिली, मोबाइल बंद था और परिजनों को फोन कर अपहरण की कहानी सुनाई गई। लेकिन सुल्तानगंज पुलिस की तत्परता और थाना प्रभारी श्यामराज सिंह राजपूत की सूझबूझ से दो घंटे के भीतर ही पूरे मामले का खुलासा हो गया। यह पूरा मामला सुल्तानगंज थाना अंतर्गत खजुरिया गुसाई गांव का है। जहां बीते दिन शाम करीब 6 बजे 17 साल का नाबालिग खेत पर अपनी बाइक खड़ी कर अचानक गायब हो गया।
मोबाइल बंद होने से परिजन घबरा गए और ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी। लेकिन काफी देर तक कोई सुराग न मिलने से गांव में अपहरण की आशंका को लेकर दहशत फैल गई। उसी दौरान परिजनों के मोबाइल पर नाबालिग का फोन आया। उसने बताया कि तीन लोग उसे कार में जबरन उठाकर ले गए और बेहोश कर दिया। होश आने पर वह सहजपुरी के पास कार से कूदकर भाग निकला। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और परिजनों के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची। पुलिस नाबालिग को थाने लेकर आई।
थाना प्रभारी ने उससे पूछताछ की तो पहले गुमराह करता रहा। लेकिन सख्ती और समझाइश के बाद सच्चाई सामने आ गई। उसने बताया की वह घरवालों को बिना बताए भोपाल काम करने जा रहा था। उसने खेत पर बाइक छोड़ दी और मोबाइल को एयरप्लेन मोड में कर बस में बैठ गया। लेकिन वह गफलत में दूसरी बस में सवार हो गया। और सहजपुरी पहुंच गया। घरवालों की डांट के डर से उसने अपहरण की झूठी कहानी बना दी।
पुलिस की सूझबूझ से तमाम अफवाहों पर विराम लग गया। वहीं नाबालिग को परिजनों के सुपुर्द किया गया। मामले में एसडीओपी अनिल मौर्य ने जानकारी दी।------