गए थे रोजगार की तलाश में, बंधक बनाकर कराया था काम, MP के 24 मजदूरों का तमिलनाडु से रेस्क्यू
रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाना मध्यप्रदेश के कई लोगों को भारी पड़ गया। जहां उन्हें बंधक बनाकर काम करवाया गया। जी हाँ मध्यप्रदेश के दो दर्जन मजदूरों को तमिलनाडु में बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। जिन्हे किसी तरह से मुक्त करा लिया गया है। सभी लोग सुरक्षित वापस लौट आये हैं। मामला बैतूल जिले का है। रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी वीरेंद्र जैन ने मजदूरों से मुलाकात की।
जानकारी के मुताबिक तमिलनाडु के इरोड जिले में 24 मजदूरन को बंधक बनाकर रखा गया था। संयुक्त कार्रवाई में उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें 20 मजदूर बैतूल जिले और 4 मजदूर हरदा जिले के निवासी हैं। सभी मजदूरों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, बैतूल जिला प्रशासन और वनवासी कल्याण आश्रम के संयुक्त प्रयासों से मुक्त कराया गया।
बताया गया की मजदूर पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में काम करने गए थे। वहां काम खत्म होने के बाद ठेकेदार उन्हें तमिलनाडु के इरोड जिले ले गया। आरोप है कि वहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा था। मजदूरों को न तो छुट्टी दी जाती थी और न ही कहीं आने-जाने की अनुमति। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी। मजदूरों ने बताया कि उन्हें खाने के लिए केवल चावल और सब्जी दी जाती थी। जिससे वह शारीरिक रूप से भी कमजोर होते जा रहे थे। इस बात की सूचना वनवासी कल्याण आश्रम को मिली, जिसके बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और बैतूल जिला प्रशासन को अवगत कराया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य प्रकाश ऊईके की पहल पर बैतूल प्रशासन ने श्रम, पुलिस और राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इरोड जिला प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई में सभी मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
जब सभी मजदूर सुरक्षित बैतूल पहुंचे तो रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी वीरेंद्र जैन ने उनसे मुलाकात कर जानकारी ली। इस दौरान कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन के मुताबिक रेस्क्यू किए गए हर मजदूर को शासन की ओर से 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बैतूल के सभी मजदूर भीमपुर ब्लॉक के काबरा, बोरकुंड, बीरपुरा और बासिंदा गांव के रहने वाले हैं। हरदा जिले के चार मजदूरों को भी सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई।------