नगर निगम में लोकायुक्त का बड़ा छापा! सर्वर रूम सील, फर्जी बिलों से करोड़ों के घोटाले की आशंका
मध्यप्रदेश के भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में लोकायुक्त की टीम ने बड़ा छापा मारा है। आरोप है कि फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया गया है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम सर्वर रूम को अपने कब्जे में लेकर डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश लोकायुक्त की टीम ने भोपाल नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा पर शुक्रवार को छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और लिंक रोड नंबर-2 पर बने मुख्य कार्यालय में एक साथ की गई।
छापे के दौरान लोकायुक्त की टीम ने नगर निगम के सर्वर रूम को कब्जे में ले लिया और वहां मौजूद डिजिटल डाटा को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आर्थिक अनियमितताओं और फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने की शिकायत मिलने के बाद की गई है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर और डीएसपी अजय मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और जांच की पूरी निगरानी करते रहे। सूत्रों के मुताबिक लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें दोनों कार्यालयों में रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। कम्प्यूटर शाखा में नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन रिकॉर्ड और लेखा-जोखा रखा जाता है, इसलिए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
जांच के दौरान संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। टीम करीब पिछले 10 साल के दस्तावेज और भुगतान से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। फतेहगढ़ कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों—वसीम, सोहेल और पंकज—से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को हाल ही में 22 फरवरी को नए भवन में शिफ्ट किया गया था, इसलिए दोनों इमारतों में रखे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि नगर निगम में फर्जी बिलों के जरिए कितने बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है। यह मामला अब राजधानी की सबसे बड़ी जांच में से एक बनता नजर आ रहा है।