12 साल बाद सलाखों के पीछे पहुँचा सद्दाम बना अनिल,ढूंढ लाई पुलिस, लेकिन पत्नी और 3 बच्चों का क्या !
एक अपराधी जिस पर 15 साल पहले लूट, मर्डर के प्रयास और SCST एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हुए 2015 में उसे जमानत मिल गयी, तो वह ऐसा फरार हुआ की उसका कुछ पता नहीं चल पाया। यही नहीं उसने अपना धर्म तक बदल लिया और अनिल से सद्दाम बन गया। उसने मुस्लिम युवती से निकाह भी कर लिया। शादी के बाद तीन बच्चे हुए। लेकिन कानून के लम्बे हाथों से वह बच नहीं पाया और आखिरकार अब वह पकड़ा गया। जी हां चौंका देने वाला यह मामला एमपी के बालाघाट जिले का है। जहां बालाघाट पुलिस ने 12 साल से फरार एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
आरोपी ने कानून से बचने अपनी पहचान और धर्म तक बदल लिया। डोगरगांव निवासी अनिल डहारे के खिलाफ साल 2011 में लूट, मर्डर के प्रयास और एससी/एसटी एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों में उसे 7 साल की सजा भी हुई थी। लेकिन साल 2015 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था।
फरारी के दौरान अनिल अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान बदलकर मजदूरी करता रहा। वह कभी केरल में ‘मनीष’ बनकर रहा। तो कभी छत्तीसगढ़ का निवासी बताकर लोगों को गुमराह करता रहा। इसी दौरान वह बिहार के मधुबनी पहुंचा। जहां उसने खुद को मो. सद्दाम हुसैन बताकर एक मुस्लिम युवती से निकाह कर लिया और बाद में दिल्ली में रहने लगा। दंपति के तीन बच्चे भी हैं।
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देशन में पुलिस की विशेष टीमों ने केरल, बिहार और दिल्ली समेत कई राज्यों में उसकी तलाश की। तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने उसे दिल्ली में एक ठेकेदार के यहां काम करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पहचान के आधार पर पकड़ा गया और अब उसे न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक अनिल ने अपने भाई-भाभी, माता-पिता से भी 12 साल से किसी तरह कोई संपर्क नहीं किया। पुलिस ने फरार वारंटी आरोपी अनिल पर 10 हजार का ईनाम घोषित किया था।
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये है की बेगुनाह पत्नी और मासूम बच्चों का क्या होगा। जिनकी बसी बसाई दुनिया पल भर में उजड़ गयी। जिस सद्दाम के साथ कई सपने बुने थे वह अपराधी निकलेगा। खैर पुलिस ने भी साबित कर दिखाया की अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो वह कानून से बच नहीं सकता।