भोजशाला मामले में हाईकोर्ट सख्त, 2 अप्रैल से होगी लगातार सुनवाई, उससे पहले जज करेंगे स्थल का दौरा
मध्यप्रदेश के चर्चित भोजशाला विवाद को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में अहम सुनवाई हुई। करीब डेढ़ घंटे चली इस सुनवाई में अदालत ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि मामले की विस्तृत और लगातार सुनवाई 2 अप्रैल से शुरू की जाएगी। इतना ही नहीं, अंतिम बहस से पहले कोर्ट खुद विवादित स्थल का दौरा भी करेगा। यह मामला भोजशाला परिसर, धार से जुड़ा है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। सोमवार को इस मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच में अहम सुनवाई हुई।
करीब डेढ़ घंटे चली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अंतिम बहस 2 अप्रैल से लगातार सुनी जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि अंतिम बहस से पहले वह खुद भोजशाला परिसर का दौरा करेगी, ताकि स्थल की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस दौरे के दौरान केवल न्यायालय ही भोजशाला परिसर का निरीक्षण करेगा। इसमें अन्य किसी पक्ष या व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अदालत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का भी अध्ययन करेगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि जो अन्य पक्ष इस मामले में इंटरविनर बनना चाहते हैं, उन्हें फिलहाल ऑडियंस के रूप में रखा जाएगा। हालांकि अंतिम बहस के दौरान उनकी दलीलें भी सुनी जाएंगी। गौरतलब है कि भोजशाला विवाद से जुड़ी पांच याचिकाएं इस समय क्लब होकर एक साथ सुनी जा रही हैं, जबकि तीन अन्य पक्ष भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता शिरीष दुबे और याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने कहा कि आने वाली सुनवाई इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब सबकी नजर 2 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि कोर्ट का स्थल निरीक्षण और लगातार होने वाली बहस इस लंबे समय से चले आ रहे भोजशाला विवाद में नया मोड़ ला सकती है।