Sagar| नाम बदला, काम बदला… लेकिन चेहरा नहीं छुपा पाया, 15 साल से फरार कातिल को दबोचा | SAGAR TV NEWS
15 साल… एक फरार कातिल… बदली हुई पहचान… और आखिरकार पुलिस की गिरफ्त! सागर की गोपालगंज थाना पुलिस ने उस शातिर आरोपी को धर दबोचा, जिसने कानून को सालों तक चकमा दिया। राजस्थान के जयपुर की भीड़भाड़ वाली बस्ती में ‘मदनलाल’ बनकर रह रहा ये शख्स दरअसल उम्रकैद का सजा काट रहा अब्दुल राशिद निकला।
कहानी शुरू होती है साल 2009 से, जब कैंट थाना क्षेत्र में जयकुमार उर्फ पूरन अहिरवार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में अब्दुल राशिद, अब्दुल जाहिद और एक महिला को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन राशिद ने जेल की सलाखों के पीछे ज्यादा दिन नहीं बिताए।
साल 2011 में बीमारी का बहाना बनाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया… और यहीं से उसने ऐसा खेल खेला कि पुलिस के हाथ सालों तक खाली रहे। अस्पताल से फरार होते ही राशिद जमीन में गड़े किसी साए की तरह गायब हो गया।
मामला ठंडा पड़ता दिख रहा था, लेकिन हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों ने पुलिस को फिर से एक्टिव कर दिया। साइबर सेल की मदद से आखिरकार एक सुराग मिला—लोकेशन जयपुर! इसके बाद सागर पुलिस की टीम तुरंत रवाना हुई।
जयपुर पहुंचकर जो खुलासा हुआ, वो चौंकाने वाला था। राशिद अब ‘मदनलाल’ बन चुका था। मुस्लिम बस्ती में रहकर उसने नया आधार कार्ड बनवा लिया था और पूरी तरह नई जिंदगी जी रहा था। कभी प्लांट में सिक्योरिटी गार्ड तो कभी चाट-फुल्की बेचने वाला… उसने खुद को भीड़ में इस कदर छुपा लिया था कि कोई शक तक नहीं करता था।
पुलिस ने भी फिल्मी अंदाज में जाल बिछाया। जवानों ने भेष बदला—सिर पर टोपी, कंधे पर गमछा… और शुरू हुई चार दिन की खामोश निगरानी। हर हरकत पर नजर रखी गई। आखिरकार सोमवार को घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद भी राशिद ने चालाकी दिखाने की कोशिश की। खुद को ‘मदनलाल’ बताता रहा, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उसका झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया। सच उगलते ही 15 साल पुराना राज खुल गया।