कलेक्ट्रेट के घेराव से पहले ही पुलिस ने करणी सेना प्रमुख को रोका, पूरा हाईवे हुआ जाम
करणी सेना के प्रमुख ने आग़ाज़ किया था की वह कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे हालांकि वह ऐसा कर पाते ही इससे पहले ही पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया और करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर समेत उनके साथियों को फोर लाइन पर ही रोक दिया गया। जिससे गुस्साए करणी सेना के कार्यकर्ता फोरलेन पर भी बैठ गए। जिससे जाम के हालात बन गए। यह पूरा मामला एमपी के रतलाम जिले का है।
दरअसल रतलाम में एक बार फिर से करणी सेना के आंदोलन के चलते प्रशासन और पुलिस ने आंदोलनकारियों को शहर में आने से ही रोक दिया। कलेक्ट्रेट का घेराव करने करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह के नेतृत्व में करणी सेना के सदस्य आ रहे थे। जिन्हें महू-नीमच रोड पर डोसीगांव के पहले ही रोक दिया गया। प्रशासन ने पूरे फोरलेन पर बेरिकेंटिंग करवा दी थी। शहर की तरफ रास्तों पर भी ट्रक और ट्रैक्टर खड़े करवा दिए गए। जिससे वहीं कड़ी धूप में सड़क पर घंटों आंदोलन चलता रहा। जिसमें करणी सैनिकों ने बाहर ही रोकने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। इस दौरान जीवन सिंह कलेक्टर से मिलने की बात पर अड़े रहे।
बता दें की जीवन सिंह शेरपुर ने मंगलवार को अपने कार्यकर्ताओं के साथ 11 सूत्रीय मांगों को लेकर रतलाम आने की घोषणा की थी। इसके बाद करणी सेना से महिलाएं, पुरुष रतलाम पंहुचे। लेकिन प्रशासन और पुलिस ने पहले ही शहर के सभी एंट्री पॉइंट और महू-नीमच फोरलेन पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जावरा रोड स्थित डोसीगांव के पहले ही बेरीकेट लगाकर आंदोलनकारियों को रोक दिया। इस दौरान महिलाओं समेत युवाओं ने बैरिकेट लांघने की भी कोशिश की। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
इस दौरान महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी तरह जब एक महिला बेहोश हुई तो उसे अस्पताल भेजना पड़ा।
जीवन सिंह शेरपुर ने कहा की कलेक्टर और प्रशासन उन्हें रोककर गलत कर रहा है। जनता की ही मांग जनसुनवाई में कलेक्टर से मिलकर रखना चाहते थे। कलेक्टर जिले की प्रमुख है उनसे मिलना, यह हम आम व्यक्ति का अधिकार है। हम केवल जनता की समस्या बताना चाहते है। लेकिन हमें दबाने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अमला मौजूद था।
गौरतलब है की करीब एक हफ्ते पहले जावरा ब्लॉक में झालवा-कलालिया रोड निर्माण में लगे दो डंपरों को खनिज विभाग ने अवैध परिवहन के आरोप में जब्त किया था। ये दोनों डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जिन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जाता है। कार्यवाई के विरोध में शेरपुर ने रिंगनोद थाने में धरना दिया था। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट घेराव की बात कही थी।------