युवक को निपटाने वाले घूम रहे खुलेआम, ये कैसा इन्साफ है, परिजनों ने रो-रो कर लगाई गुहार !
करीब दो महीने पहले एक दलित युवक का मर्डर किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। लेकिन आरोपियों के खुले घूमने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार न्याय की आस में कलेक्ट्रेट पहुंचा और गुहार लगाई। मामला दमोह जिले का है। करीब 2 महीने पहले जिले के सागोनी उमर घाटी के जंगल में विनोद अहिरवाल नाम के युवक का मर्डर किया गया था। इस दौरान मृतक के परिजनों ने रो-रो कर गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
बताया गया कि विनोद अहिरवाल के मर्डर के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा घटना के मुख्य आरोपी अरविंद शुक्ला और अन्य पांच लोग थे, लेकिन पुलिस ने केवल गोविंद गौड़ पर ही मामला दर्ज कर खानापूर्ति की। जबकि मुख्य साजिशकर्ता और अन्य आरोपी आज भी बाहर खुलेआम घूम रहे हैं। साथ ही बताया गया कि मृतक विनोद की पत्नी और दो मासूम बच्चे हैं। पीड़ित पक्ष अब पूरी तरह अनाथ और असहाय हो चुका है। परिवार काफी गरीब है। विनोद के जाने के बाद भरण-पोषण का भी कोई साधन नहीं बचा है।
बता दें कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने अशोक सम्राट क्रांति के सदस्य परिवार के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे थे, जहां ज्ञापन सौंपा गया है। संगठन और पीड़ित पक्ष ने दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मामले की निष्पक्ष और गहनता से जांच की मांग भी की गई। संगठन और परिवार के सदस्यों ने चेताया कि गुरुवार को पैदल मार्च के बाद भी अगर प्रशासन उचित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता है, तो सम्राट अशोक क्रांति सेना उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। दमोह ब्यूरो से शांतनु भारत के साथ मनीष साहू, सागर टीवी न्यूज़।