जेसीबी चली तो उजड़ गई फसल, किसान को 25 लाख का नुकसान ! नर्मदा पाइपलाइन पर बवाल
मध्य प्रदेश के धार जिले से एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां नर्मदा पाइपलाइन निर्माण के दौरान प्रशासन की कार्रवाई ने किसानों में आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि जेसीबी चलाकर खड़ी फसल और हरे-भरे पेड़ों को नष्ट कर दिया गया। मामला है धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र के ग्राम पीपल्दा गढ़ी का, जहां उज्ज्वलन सिंचाई परियोजना के तहत नर्मदा पाइपलाइन और टंकी निर्माण का काम चल रहा है।
इसी निर्माण कार्य के दौरान प्रशासन ने जेसीबी और पोकलेन मशीन से जमीन पर कार्रवाई की, जिससे किसान मोहब्बत सिंह चौहान की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसान का दावा है कि करीब 5 हजार केले के पौधे और कई हरे-भरे पेड़ नष्ट हो गए, जिससे उसे लगभग 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। किसान का कहना है कि वह पिछले 30-35 वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे थे और बिना पर्याप्त सूचना के यह कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
इस मामले में भारतीय किसान संघ ने भी कड़ा विरोध जताया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्राम सभा और पंचायत की अनुमति के बिना इस तरह की कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने मांग की है कि जब तक हाई कोर्ट से अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक निर्माण कार्य रोका जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं, नर्मदा घाटी विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री आलोक कुमार चौबे का कहना है कि यह कार्रवाई कोर्ट और तहसीलदार के आदेश के तहत की गई है। 16 मार्च को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। एक तरफ विकास के लिए जरूरी परियोजना, तो दूसरी तरफ किसानों की आजीविका… ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या विकास की कीमत किसानों को अपनी फसल से चुकानी पड़ेगी?