कलेक्टर ने हाथ में खुद उठाई गैती-तगारी, 1 लाख कंटूर ट्रेंच का लक्ष्य , पानी बचाने की अनोखी मुहिम
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रशासन खुद मैदान में उतर आया है। मामला है खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र का, जहां मिशन अमृत संचयन अभियान के तहत एक दिवसीय सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण एक साथ नजर आए। कार्यक्रम की सबसे खास बात रही कि कलेक्टर ऋषव गुप्ता खुद मैदान में उतरे और गैती-तगारी उठाकर श्रमिकों के साथ मिट्टी खोदते दिखाई दिए। उनके साथ पंधाना विधायक छाया मोरे और महापौर अमृता यादव भी मौजूद रहीं।
इस अभियान के तहत हजारों मजदूरों ने कंटूर ट्रेंच की खुदाई की। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि पूरे जिले में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए एक लाख कंटूर ट्रेंच बनाए जाएंगे, जिन्हें बारिश से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, सड़कों के किनारे कम्युनिटी रिचार्ज पिट भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि बारिश का पानी व्यर्थ न जाए और जमीन के भीतर समा सके। जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन बी गौड़ा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य है—गांव का पानी गांव में और शहर का पानी शहर में ही संरक्षित किया जाए। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग के विभिन्न मॉडल अपनाए जा रहे हैं।
खंडवा जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में पहले ही देशभर में पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कावेश्वर को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार भी मिल चुका है। यहां “रिज टू वैली” सिद्धांत के तहत कंटूर, गली प्लग, तालाब और रिचार्ज सिस्टम विकसित किए गए हैं। खंडवा की यह पहल सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक संदेश है—अगर प्रशासन और जनता साथ आ जाएं, तो जल संकट से लड़ाई जीती जा सकती है।