मां बनने से पहले बुझ गई जिंदगी, गर्भ में पल रही नन्ही जान भी खत्म, EV हादसे ने छीन ली खुशी
इंदौर से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह सिर्फ एक आगजनी का हादसा नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों के जलकर राख हो जाने की कहानी है। मामला है इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स इलाके का, जहां बुधवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानी है पुगलिया परिवार की बहू सिमरन पुगलिया की, जो चार महीने की गर्भवती थी। सिमरन के घर में नए मेहमान के आने की खुशियां मनाई जा रही थीं। सालों की दुआओं के बाद वह मां बनने वाली थी। लेकिन इस हादसे ने उसकी जिंदगी के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रही मासूम जान को भी खत्म कर दिया। एक ही पल में दो जिंदगियां बुझ गईं।
परिजनों के मुताबिक, सिमरन के लिए मां बनना आसान नहीं था। पहले भी वह जुड़वा बच्चों को खो चुकी थी। इस बार पूरा परिवार बेहद उम्मीदों के साथ उसकी देखभाल कर रहा था, लेकिन किस्मत ने फिर वही दर्द दे दिया। बताया जा रहा है कि घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में शॉर्ट सर्किट के बाद आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त परिवार के लोग जान बचाने के लिए छत की ओर भागे।
सिमरन भी ऊपर आने वाली थी, लेकिन वह कुछ जरूरी सामान लेने कमरे में चली गई। इसी दौरान धुआं तेजी से भर गया और वह बाहर नहीं निकल सकी। इस हादसे में परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई। घर में जहां कुछ घंटे पहले खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा है। इंदौर का यह हादसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है… लापरवाही की एक चिंगारी कैसे कई जिंदगियों को खत्म कर सकती है।